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छत्तीसगढ़ के 6 जिलों की बदलेगी तस्वीर, रायपुर-धनबाद कॉरिडोर से व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को नई गति देने वाली रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर परियोजना अब जमीन पर तेजी से आगे बढ़ रही है। इस कॉरिडोर के बनने से प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्रों को झारखंड समेत पूर्वी भारत के बड़े बाजारों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

627 किलोमीटर लंबे रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर का करीब 384 किलोमीटर हिस्सा छत्तीसगढ़ से होकर गुजर रहा है। एनएचएआई ने पत्थलगांव-कुनकुरी से छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा तक NH-43 के 104.25 किलोमीटर लंबे हिस्से पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। इस सेक्शन पर करीब ₹3,147 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं।

इन जिलों को मिलेगा बड़ा फायदा

कॉरिडोर का असर छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जशपुर और आसपास के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और माल परिवहन को बेहतर बनाने के रूप में देखने को मिल सकता है। सरकारी जानकारी के अनुसार यह मार्ग रायपुर, बिलासपुर, रायगढ़ और कोरबा जैसे औद्योगिक केंद्रों को झारखंड के धनबाद से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

व्यापार और उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार

बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से कोयला, खनिज और औद्योगिक सामान की आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। इससे छत्तीसगढ़ के उद्योगों को झारखंड के औद्योगिक क्षेत्रों और आगे के बाजारों तक माल पहुंचाने में मदद मिल सकती है। साथ ही परिवहन समय और लागत में कमी आने से स्थानीय कारोबार को भी फायदा मिलने की संभावना है।

जशपुर के लिए बनेगा विकास का नया रास्ता

परियोजना का जशपुर जिले के लिए खास महत्व है। कॉरिडोर के जरिए पत्थलगांव, कांसाबेल, कुनकुरी, दुलदुला और जशपुर जैसे क्षेत्रों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। इससे स्थानीय लोगों के लिए आवागमन के साथ व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

382 छोटे-बड़े स्ट्रक्चर होंगे तैयार

परियोजना को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए इस सेक्शन में 382 छोटे-बड़े स्ट्रक्चर बनाए जा रहे हैं। इनमें 7 बड़े पुल, 30 छोटे पुल, 6 फ्लाईओवर और एक एलिवेटेड वायडक्ट के अलावा अलग-अलग प्रकार के वाहन, पैदल यात्री और वन्यजीव अंडरपास भी शामिल हैं।

तीन राज्यों से मजबूत होगी कनेक्टिविटी

रायपुर-धनबाद कॉरिडोर के जरिए छत्तीसगढ़ की पूर्वी भारत की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे झारखंड के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी और आगे ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से व्यापारिक संपर्क को भी मजबूती मिलने की संभावना है।

कुल मिलाकर रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर छत्तीसगढ़ के लिए सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि व्यापार, उद्योग, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट बनकर उभर रहा है।

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