छत्तीसगढ़ में राजस्व के पुराने कागज अब होंगे डिजिटल, 33 जिलों में वसुंधरा प्रोजेक्ट से ऑनलाइन मिलेगी कॉपी
रायपुर। छत्तीसगढ़ में पुराने राजस्व रिकॉर्ड को डिजिटल करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश के सभी 33 जिलों में वसुंधरा प्रोजेक्ट के तहत पुराने और महत्वपूर्ण राजस्व दस्तावेजों को डिजिटल स्वरूप में सुरक्षित किया जाएगा। इसके बाद लोगों को जमीन से जुड़े पुराने रिकॉर्ड और दस्तावेजों की कॉपी हासिल करने के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी।
पुराने रिकॉर्ड को डिजिटल रूप देने की तैयारी
वसुंधरा प्रोजेक्ट के माध्यम से राजस्व विभाग के पुराने कागजी दस्तावेजों को स्कैन कर डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के साथ-साथ जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से उपलब्ध कराना है।
कागजी दस्तावेज लंबे समय तक सुरक्षित रखने में कई तरह की दिक्कतें आती हैं। रिकॉर्ड के खराब होने, फटने या गुम होने की स्थिति में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने के बाद इन समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी।
ऑनलाइन मिल सकेगी रिकॉर्ड की कॉपी
डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद नागरिक अपने जमीन और राजस्व से जुड़े पुराने दस्तावेजों की कॉपी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। इससे रिकॉर्ड की उपलब्धता आसान होगी और सरकारी कार्यालयों पर निर्भरता भी कम हो सकती है।
33 जिलों में लागू होगा प्रोजेक्ट
वसुंधरा प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों के राजस्व रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप में लाने की प्रक्रिया की जाएगी। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के जमीन मालिकों को पुराने दस्तावेजों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
सरकार की डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य राजस्व रिकॉर्ड को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और आसानी से उपलब्ध बनाना है। इससे जमीन से जुड़े मामलों में दस्तावेजों की उपलब्धता और रिकॉर्ड प्रबंधन में भी सुधार हो सकता है।
