रायपुर में ‘PUMA’ के नाम पर बिक रहे थे नकली जूते-चप्पल: माना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 2 दुकानों से 618 जोड़ी डुप्लीकेट फुटवेयर जब्त

- कहां हुई कार्रवाई: रायपुर के माना थाना क्षेत्र के ‘राज फुटवेयर’ और ‘कलकत्ता बूट हाउस’ में पुलिस की दबिश।
- क्या हुआ जब्त: नामी स्पोर्ट्स ब्रांड ‘Puma’ के लोगो और डिजाइन वाले 618 जोड़ी नकली जूते-चप्पल।
- किसने की शिकायत: पूमा कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि गौरव श्रीवास्तव की शिकायत पर हुई कार्रवाई।
- क्या दर्ज हुआ: आरोपियों के खिलाफ कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन का मामला दर्ज, बड़े नेटवर्क की तलाश जारी।
- राजधानी रायपुर के माना थाना क्षेत्र में ब्रांडेड कंपनी के नाम पर कथित तौर पर नकली उत्पाद बेचने का मामला सामने आया है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर दो कारोबारियों के खिलाफ कॉपीराइट और ट्रेडमार्क उल्लंघन का मामला दर्ज किया है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों की दुकानों से बड़ी मात्रा में संदिग्ध उत्पाद भी जब्त किए गए हैं।
अब पढ़े क्या है पूरा मामला
माना थाना से मिली जानकारी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स ब्रांड पूमा की ओर से अधिकृत प्रतिनिधि गौरव श्रीवास्तव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि माना इलाके कुछ व्यापारी कंपनी के लोगो और डिजाइन की नकल कर तैयार किए गए जूते-चप्पल बेच रहे हैं। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने राज फुटवेयर के संचालक राहुल नेभानी और कलकत्ता बूट हाउस के संचालक मोहम्मद खुस्तर की दुकानों में दबिश दी। तलाशी के दौरान दोनों दुकानों से पूमा ब्रांड के नाम और लोगो से मिलते-जुलते कुल 618 जोड़ी फुटवेयर बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में इन्हें डुप्लीकेट और अनधिकृत उत्पाद माना गया है।
सामान कहां से लाया पूछताछ में जुटे अफसर
पुलिस ने जब्त सामग्री को कब्जे में लेकर दोनों कारोबारियों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है कि यह सामान कहां से मंगाया गया था और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं जुड़ा है।

कॉपीराइट और ट्रेडमार्क कानूनों के तहत कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को भ्रमित कर नकली ब्रांडेड सामान बेचना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में कॉपीराइट और ट्रेडमार्क कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
फिलहाल माना थाना पुलिस जब्त फुटवेयर की तकनीकी जांच और दस्तावेजों का परीक्षण कर रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
