धान घोटाले का बड़ा पर्दाफाश! 2.17 करोड़ का धान रिकॉर्ड से गायब
रायपुर में धान खरीदी केंद्रों में बड़ा खुलासा, रिकॉर्ड से 2.17 करोड़ रुपये का धान गायब, प्रशासन ने शुरू की सख्त कार्रवाई
रायपुर जिले के धान खरीदी केंद्रों में एक बड़ा वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। जांच के दौरान रिकॉर्ड और वास्तविक भंडारण के मिलान में करीब 2.17 करोड़ रुपये मूल्य का धान गायब पाया गया है। इस खुलासे के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी है और जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई खरीदी केंद्रों के दस्तावेजों में दर्ज धान की मात्रा और गोदामों में मौजूद वास्तविक स्टॉक के बीच बड़ा अंतर पाया गया। इस विसंगति ने धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का मानना है कि रिकॉर्ड में हेराफेरी या निगरानी में लापरवाही के कारण यह स्थिति पैदा हुई हो सकती है।
प्रशासन द्वारा गठित जांच टीम ने संबंधित खरीदी केंद्रों के दस्तावेज, स्टॉक रजिस्टर और परिवहन रिकॉर्ड की गहन जांच शुरू कर दी है। साथ ही संबंधित कर्मचारियों और केंद्र प्रभारियों से भी पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
जानकारी के अनुसार, धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए शासन द्वारा समय-समय पर निरीक्षण किए जाते हैं, लेकिन इस मामले ने निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब अन्य खरीदी केंद्रों का भी विशेष ऑडिट कराने की तैयारी में है ताकि किसी अन्य स्थान पर भी इसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
जिले के किसानों और आम नागरिकों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि किसानों की मेहनत से जुड़े अनाज की सुरक्षा और पारदर्शी खरीदी व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आर्थिक नुकसान की भरपाई और जवाबदेही तय करने की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और जांच जारी है।
