Wed. Aug 5th, 2026

मंगलसूत्र पर सियासत!

छत्तीसगढ़ में आर्टिफिशियल मंगलसूत्र वितरण पर सियासत तेज, कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिलाओं को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित एक सरकारी योजना अब राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गई है। योजना के तहत वितरित किए गए मंगलसूत्रों को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि महिलाओं को चांदी के बजाय आर्टिफिशियल मंगलसूत्र बांटे गए, जो उनके सम्मान और भावनाओं से जुड़ा विषय है।

दरअसल, हाल के वर्षों में चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसी के चलते योजना के स्वरूप में बदलाव किए जाने की चर्चा सामने आई है। विपक्ष का दावा है कि लागत कम करने के लिए लाभार्थी महिलाओं को आर्टिफिशियल मंगलसूत्र वितरित किए गए, जबकि योजना का मूल उद्देश्य बेहतर गुणवत्ता की सामग्री उपलब्ध कराना था।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस नेताओं ने इस मुद्दे को महिलाओं की भावनाओं से जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि मंगलसूत्र केवल एक आभूषण नहीं बल्कि सुहाग और सामाजिक परंपरा का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में महिलाओं को आर्टिफिशियल सामग्री देना उनकी अपेक्षाओं के साथ न्याय नहीं है।

विपक्ष ने मांग की है कि सरकार पूरे मामले की जानकारी सार्वजनिक करे और बताए कि योजना में किस गुणवत्ता के मंगलसूत्र खरीदकर वितरित किए गए हैं। साथ ही खरीद प्रक्रिया और खर्च का विवरण भी जनता के सामने रखा जाए।

सरकार का पक्ष

सरकारी सूत्रों का कहना है कि योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र महिलाओं तक लाभ पहुंचाना है। बढ़ती लागत और बजटीय सीमाओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक निर्णय लिए गए हैं। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक इस विवाद पर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा

मामले के सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ कांग्रेस इसे महिलाओं के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बता रही है, वहीं सत्तापक्ष योजना के उद्देश्य और लाभार्थियों की संख्या को अपनी उपलब्धि के रूप में पेश कर रहा है।

आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है, क्योंकि विपक्ष इस विषय को लेकर सरकार को विधानसभा से लेकर सड़क तक घेरने की तैयारी में नजर आ रहा है।

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