5वीं-8वीं की मार्कशीट में बड़ी गड़बड़ी, छात्रों के नाम और जन्मतिथि तक गलत
स्कूल शिक्षा विभाग की लापरवाही से बढ़ी विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंता, सुधार की मांग तेज।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। इस बार मामला 5वीं और 8वीं कक्षा की मार्कशीट से जुड़ा है, जहां बड़ी संख्या में छात्रों की अंकसूची में गंभीर त्रुटियां सामने आई हैं। किसी छात्र का नाम गलत दर्ज किया गया है तो किसी की जन्मतिथि बदल गई है। वहीं कई छात्रों के अभिभावकों के नाम और अन्य जरूरी जानकारियों में भी गड़बड़ियां देखने को मिली हैं।
मार्कशीट मिलने के बाद जब विद्यार्थियों और उनके परिजनों ने दस्तावेजों की जांच की, तब यह लापरवाही सामने आई। इसके बाद कई स्कूलों में अभिभावकों की भीड़ लग गई और उन्होंने जल्द से जल्द त्रुटियों को सुधारने की मांग की।
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि मार्कशीट केवल परीक्षा परिणाम का दस्तावेज नहीं होती, बल्कि आगे की पढ़ाई, छात्रवृत्ति और विभिन्न सरकारी योजनाओं में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में नाम, जन्मतिथि या अन्य व्यक्तिगत जानकारी में हुई छोटी-सी गलती भी भविष्य में छात्रों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
बताया जा रहा है कि कई स्कूलों ने संबंधित अधिकारियों को त्रुटियों की जानकारी भेज दी है। अब विभाग की ओर से गलतियों को सुधारने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, इस पूरे मामले ने विभाग की कार्यप्रणाली और डेटा सत्यापन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अभिभावकों का कहना है कि परीक्षा परिणाम जारी करने से पहले विद्यार्थियों के रिकॉर्ड का सही तरीके से मिलान किया जाना चाहिए था, ताकि इस तरह की स्थिति पैदा न होती। उनका मानना है कि विभाग की लापरवाही का खामियाजा छात्रों को नहीं भुगतना चाहिए।
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि स्कूल शिक्षा विभाग इन त्रुटियों को कितनी जल्दी सुधारता है और भविष्य में ऐसी गलतियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या कदम उठाता है।
क्या है पूरा मामला?
- 5वीं और 8वीं की मार्कशीट में कई छात्रों की जानकारी गलत दर्ज हुई।
- नाम, जन्मतिथि और अन्य विवरणों में त्रुटियां सामने आईं।
- अभिभावकों ने स्कूलों में शिकायत दर्ज कराई।
- विभाग से जल्द सुधार और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग उठी।
- मामले ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए।
