छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू का बढ़ा खतरा, 152 केस; रायपुर में सबसे ज्यादा मरीज
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश में अब तक 152 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें रायपुर जिले में सबसे ज्यादा 66 मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के 31 अगस्त तक के आंकड़ों के बाद मामलों में और बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
रायपुर में सबसे ज्यादा मामले
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक रायपुर इस समय स्वाइन फ्लू से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में है। प्रदेश में सामने आए कुल मामलों में बड़ी संख्या रायपुर से है। इसके अलावा रायगढ़, कोरबा, बस्तर समेत अन्य जिलों में भी संक्रमित मरीज मिले हैं।
रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 38 मरीज फिलहाल एक्टिव हैं, जबकि कई मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमित और संदिग्ध मरीजों की निगरानी बढ़ाई गई है।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल संक्रमण जैसे हो सकते हैं। तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। ऐसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना उचित है।
बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से स्वास्थ्य संबंधी समस्या वाले लोगों को संक्रमण के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई निगरानी
बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में जांच और उपचार की व्यवस्था पर निगरानी बढ़ाई है। लोगों से भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतने, हाथों की स्वच्छता बनाए रखने और खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकने की अपील की जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि स्वाइन फ्लू को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लगातार बुखार, खांसी या सांस से जुड़ी परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
