Fri. Nov 6th, 2026

1600°C का खौलता लावा बना काल: दुर्ग के JD स्टील प्लांट में भीषण विस्फोट, आग का गोला बनकर सीढ़ियों से नीचे भागे ठेकेदार; इलाज के दौरान मौत

दुर्ग (छत्तीसगढ़)। औद्योगिक क्षेत्र बोरई-रसमड़ा स्थित जेडी (JD) स्टील प्लांट में एक ऐसा दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। प्लांट में काम के दौरान करीब 1600 डिग्री सेल्सियस पर खौलता हुआ पिघला लोहा (हॉट मेटल) अचानक ब्लास्ट होकर नीचे गिर गया। इसकी चपेट में आने से साइट पर मौजूद ठेकेदार संतोष कुमार बुरी तरह झुलस गए। अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग लड़ते हुए उन्होंने दम तोड़ दिया।

इस घटना का एक बेहद खौफनाक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें ठेकेदार आग का गोला बनकर सीढ़ियों से नीचे भागते दिख रहे हैं।

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?

मिली जानकारी के मुताबिक, बिहार के पूर्वी चंपारण निवासी संतोष कुमार जेडी स्टील प्लांट में बतौर ठेकेदार काम करवा रहे थे। रोजाना की तरह प्लांट में काम जोरों पर था और भट्टी में लोहा धधक रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक मशीन का नोजल अनियंत्रित होकर नीचे आ गया।

नोजल गिरते ही उसके भीतर भरा 1600 डिग्री सेल्सियस का लाल-सुर्ख पिघला लोहा सीधे नीचे खड़े संतोष कुमार पर आ गिरा। कुछ ही सेकंडों में पूरा फ्लोर आग और धुएं के गुबार से घिर गया।

रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो वायरल

हादसे का जो वीडियो सामने आया है, वह विचलित कर देने वाला है। जैसे ही खौलता लावा संतोष पर गिरा, उनके पूरे शरीर में भीषण आग लग गई। जान बचाने की जद्दोजहद में वे लपटों से घिरे हुए ही सीढ़ियों की तरफ दौड़े और नीचे की ओर भागे। प्लांट में मौजूद अन्य कर्मियों ने आनन-फानन में आग बुझाने का प्रयास किया और उन्हें तुरंत गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया।

शरीर का अधिकांश हिस्सा बुरी तरह झुलस जाने के कारण डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद संतोष ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

प्लांट प्रबंधन पर उठे गंभीर सवाल

इस दर्दनाक हादसे ने जेडी स्टील प्लांट में सुरक्षा मानकों (Safety Norms) की कलई खोलकर रख दी है:

सुरक्षा किट का अभाव: क्या गर्म धातु के पास काम करने वाले कर्मियों और ठेकेदारों को फायरप्रूफ सेफ्टी गियर दिए गए थे?

मशीनों का मेंटेनेंस: इतने बड़े प्लांट में नोजल का अचानक नीचे गिर जाना सीधे तौर पर तकनीकी लापरवाही या खराब रखरखाव की ओर इशारा करता है।

प्रबंधन की चुप्पी: हादसे के इतने घंटे बीत जाने के बाद भी कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

पुलिस जांच में जुटी

घटना की सूचना मिलते ही अंजोरा चौकी पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं से जांच की जा रही है। फैक्ट्री प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारियों और साइट सुपरवाइजर से पूछताछ की जाएगी। लापरवाही साबित होने पर सख्त कानूनी कार्र

वाई की जाएगी।

About The Author