महादेव की काली कमाई का खेल बेनकाब
महादेव की काली कमाई का खेल बेनकाब
रायपुर/नई दिल्ली। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को कई अहम सुराग मिले हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, दुबई से संचालित इस नेटवर्क के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी से अर्जित कथित अवैध रकम को भारत में विभिन्न निवेशों और कारोबारी माध्यमों के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई। ईडी का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया के पीछे एक सुनियोजित आर्थिक तंत्र काम कर रहा था।
जांच में सामने आया है कि कथित अवैध कमाई को सीधे इस्तेमाल करने के बजाय उसे कई स्तरों पर अलग-अलग कंपनियों, सहयोगियों और निवेश माध्यमों के जरिए घुमाया गया। इसके बाद रियल एस्टेट, व्यापारिक परियोजनाओं और अन्य क्षेत्रों में निवेश कर धन के स्रोत को छिपाने का प्रयास किया गया। एजेंसी का मानना है कि इस नेटवर्क की पहुंच भारत के कई राज्यों तक फैली हुई थी।
ईडी के मुताबिक, जांच के दौरान वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों, कंपनियों और संदिग्ध निवेशों से जुड़े कई दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। इन्हीं के आधार पर मनी ट्रेल तैयार की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित अवैध धन किन-किन माध्यमों से देश में पहुंचा और कहां-कहां निवेश किया गया।
अधिकारियों का कहना है कि मामले में जुड़े सभी व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका की बारीकी से जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी की संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो उनके खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, संदिग्ध संपत्तियों और निवेशों की भी जांच जारी है।
महादेव बेटिंग ऐप से जुड़ा मामला पहले से ही देश की सबसे चर्चित आर्थिक जांचों में शामिल है। इस प्रकरण में समय-समय पर कई राज्यों में छापेमारी, पूछताछ और संपत्तियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। ईडी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले समय में इस नेटवर्क से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।
मुख्य बिंदु
- दुबई से संचालित कथित नेटवर्क के जरिए अवैध धन भारत लाने का आरोप।
- ऑनलाइन बेटिंग की कमाई को निवेश और कारोबार के माध्यम से वैध दिखाने की कोशिश।
- ईडी को वित्तीय लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों से मिले अहम सुराग।
- कई राज्यों में फैले नेटवर्क की जांच जारी।
- पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ PMLA के तहत कार्रवाई की तैयारी।
