Wed. Aug 5th, 2026

रायपुर में सफाई व्यवस्था ठप: 4 महीने से भुगतान नहीं, 70 वार्डों में ठेकेदारों ने काम रोका

रायपुर: राजधानी रायपुर की सफाई व्यवस्था बुधवार से पूरी तरह चरमरा गई है। पिछले 4 महीने से भुगतान न मिलने से नाराज सफाई ठेकेदारों ने सामूहिक रूप से काम बंद (हड़ताल) कर दिया है। इसके चलते नगर निगम के सभी 70 वार्डों में कचरा उठाव और साफ-सफाई का काम पूरी तरह प्रभावित हो गया है, जिससे आम जनता की परेशानियां बढ़ने लगी हैं।

​4 महीने से बकाया भुगतान, चेतावनी के बाद उठाया कदम

​सफाई ठेकेदारों का आरोप है कि नगर निगम प्रशासन द्वारा पिछले 4 महीनों से उनके बिलों का भुगतान नहीं किया गया है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे ठेकेदारों ने दो दिन पहले ही नगर निगम आयुक्त और नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन में साफ चेतावनी दी गई थी कि यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ, तो बुधवार से काम बंद कर दिया जाएगा। सुनवाई न होने पर ठेकेदारों ने आखिरकार यह कदम उठा लिया।

​सुबह से ही दिखने लगा असर, कचरे के ढेर लगने शुरू

​बुधवार सुबह से ही ठेकेदारों की हड़ताल का असर जमीन पर दिखने लगा। शहर के अधिकांश वार्डों में न तो सफाई कर्मी पहुंचे और न ही कचरा कलेक्शन की गाड़ियां दौड़ीं। घरों और मुख्य चौराहों पर कचरा जमा होना शुरू हो गया है, जिससे रहवासी परेशान हैं।

बड़ा सवाल: हाल ही में नगर निगम ने आवासीय और व्यावसायिक परिसरों के लिए यूजर चार्ज (सफाई शुल्क) बढ़ाने का फैसला लिया था। जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने के तुरंत बाद हुई इस हड़ताल ने निगम के वित्तीय प्रबंधन और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


​नेता प्रतिपक्ष ने निगम प्रशासन को घेरा

​मामले को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने निगम प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा:

“शहर में पहले से ही सफाई व्यवस्था बदहाल है। ठेकेदारों का 4 महीने तक भुगतान न करना निगम प्रशासन की घोर लापरवाही और वित्तीय विफलता को दर्शाता है। हमारी मांग है कि तत्काल बकाया राशि जारी कर सफाई व्यवस्था बहाल की जाए ताकि जनता को इस नरकीय स्थिति से राहत मिले।”

​राजधानी में गहरा सकता है बीमारियों का संकट

​यदि यह हड़ताल लंबी खिंचती है, तो रायपुर में कचरे का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। मौसम के बदलाव (गर्मी और प्री-मानसून) के बीच सड़कों पर कचरा सड़ने से संक्रमण और संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ सकता है। हालांकि, निगम प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि ठेकेदारों से बातचीत कर बीच का रास्ता निकालने और व्यवस्था को जल्द सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।

About The Author