छत्तीसगढ़ में राजस्व व्यवस्था ठप: विधायक रामकुमार टोप्पो की गिरफ्तारी पर अड़े 500 से ज्यादा तहसीलदार, रायपुर में महाप्रदर्शन
रायपुर / सरगुजा: छत्तीसगढ़ में आज प्रशासनिक अमले और सत्तापक्ष के बीच टकराव चरम पर पहुंच गया है। सरगुजा जिले के सीतापुर से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदेशभर के 500 से अधिक तहसीलदार और नायब तहसीलदार आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। राज्यभर के अधिकारी आज राजधानी रायपुर पहुंचे हैं, जहां इस मामले को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया जा रहा है।
इस हड़ताल के कारण प्रदेश की अधिकांश तहसीलों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र और जमीन की रजिस्ट्री व नामांतरण जैसे जरूरी कामों के लिए पहुंचे आम लोग भटकने को मजबूर हैं।
क्या है पूरा विवाद? (आरोप-प्रत्यारोप)
विवाद की शुरुआत सरगुजा जिले के नायब तहसीलदार तुषार मानिक और भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो के बीच हुई झड़प से हुई:
- नायब तहसीलदार का आरोप: तुषार मानिक का आरोप है कि विधायक और उनके समर्थकों ने उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की।
- विधायक का आरोप: दूसरी तरफ, विधायक रामकुमार टोप्पो का दावा है कि नायब तहसीलदार ने उनकी चचेरी बहन के साथ अभद्रता की थी, जिसके बाद यह विवाद बढ़ा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर काउंटर FIR दर्ज की है। जहां एक तरफ तहसीलदार विधायक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं, वहीं विधायक समर्थकों ने नायब तहसीलदार को पद से हटाने के लिए मोर्चा खोल दिया है।
सरकार पर उठ रहे सवाल, विपक्ष ने घेरा
इससे पहले 30 मई को कनिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी संघ ने सांकेतिक हड़ताल की थी। उस दौरान विधायक टोप्पो ने खुद गिरफ्तारी देने की बात कही थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने पर अधिकारियों का गुस्सा दोबारा फूट पड़ा है।
इस पूरे मामले पर अब सियासत भी गरमा गई है। कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव ने साय सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सरकार अपने विधायक को बचाने की कोशिश कर रही है और कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
जनता परेशान
अधिकारियों की इस आर-पार की लड़ाई का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच लोग दूर-दराज के गांवों से तहसील कार्यालय पहुंच रहे हैं, लेकिन तालाबंदी और हड़ताल के कारण उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ का साफ कहना है कि जब तक विधायक की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
