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🚨 ED का शिकंजा: शराब घोटाले में विजय भाटिया पर बड़ी कार्रवाई

शराब घोटाले में विजय भाटिया पर शिकंजा, जांच एजेंसियों की कार्रवाई से बढ़ी हलचल

भिलाई। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में भिलाई के कारोबारी विजय भाटिया एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED), आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जांच एजेंसियां कथित शराब सिंडिकेट से जुड़े आर्थिक लेन-देन, दस्तावेजों और अन्य वित्तीय गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं।  

जानकारी के अनुसार, शराब घोटाला मामले में विजय भाटिया का नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियां लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थीं। पिछले वर्ष EOW और ACB की संयुक्त कार्रवाई में उन्हें दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद उनसे कई दौर की पूछताछ की गई। एजेंसियों का दावा है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड भी उनके ठिकानों से जुटाए गए।  

क्या है पूरा मामला?

छत्तीसगढ़ में सामने आए कथित शराब घोटाले को राज्य के सबसे बड़े आर्थिक घोटालों में गिना जा रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आबकारी व्यवस्था में अनियमितताओं और कथित सिंडिकेट के जरिए करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन की आशंका जताई गई है। इसी कड़ी में कई पूर्व अधिकारी, कारोबारी और राजनीतिक रूप से प्रभावशाली लोगों के नाम जांच के दायरे में आए हैं।  

विजय भाटिया की भूमिका पर जांच

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित शराब कारोबार और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन में विजय भाटिया की भूमिका क्या रही। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसियां बैंक रिकॉर्ड, संपत्ति निवेश और कारोबारी लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं। मामले में कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है।  

हाईकोर्ट तक पहुंचा मामला

शराब घोटाले से जुड़े प्रकरण में विजय भाटिया की ओर से न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया गया था। हालांकि, जांच प्रक्रिया को लेकर एजेंसियां लगातार अपनी कार्रवाई जारी रखे हुए हैं और मामले की कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।  

आगे क्या?

शराब घोटाला मामले की जांच अभी जारी है। ED, EOW और ACB की टीमें वित्तीय दस्तावेजों और संदिग्ध लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में लगी हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल प्रदेश की नजरें जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।  

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