‘चोर-चोर’ की आवाज और पुलिस पर हमला, कांस्टेबल गंभीर
‘चोर-चोर’ की आवाज और पुलिस पर हमला, कांस्टेबल गंभीर
छत्तीसगढ़ में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पहुंची पुलिस टीम पर उस समय हमला हो गया जब ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों को चोर समझ लिया। सादे कपड़ों में कार्रवाई करने पहुंची टीम को देखकर गांव में अचानक हड़कंप मच गया और किसी ने जोर-जोर से ‘चोर-चोर’ चिल्लाना शुरू कर दिया। इसके बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार पुलिस टीम एक आरोपी को पकड़ने के लिए गुप्त कार्रवाई के तहत सादे कपड़ों में गांव पहुंची थी। टीम आरोपी तक पहुंचने ही वाली थी कि लोगों को उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। देखते ही देखते अफवाह फैल गई और ग्रामीणों ने उन्हें चोर समझकर घेर लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक कुछ पुलिसकर्मियों ने खुद को पुलिस बताया, लेकिन तब तक भीड़ आक्रोशित हो चुकी थी। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिसकर्मियों को बचाव का मौका भी नहीं मिला और कई जवानों के साथ धक्का-मुक्की व मारपीट की गई।
इस हमले में एक कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। घायल जवान को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों की निगरानी में उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। शुरुआती जांच में सामने आया है कि गलतफहमी और अफवाह के कारण यह घटना हुई।
पुलिस ने हमले में शामिल लोगों की पहचान शुरू कर दी है। वीडियो फुटेज और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अफवाहों और बिना पुष्टि की गई सूचनाओं पर विश्वास करना कितना खतरनाक साबित हो सकता है। एक गलतफहमी ने कानून व्यवस्था बनाए रखने पहुंचे जवानों को ही हिंसा का शिकार बना दिया।
