छत्तीसगढ़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ₹9.17 करोड़ के तस्करी के सोने के साथ गुजरात के 3 आरोपी गिरफ्तार
रायपुर: छत्तीसगढ़ पुलिस ने राज्य में अवैध गतिविधियों और तस्करी के खिलाफ एक बेहद बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए करोड़ों रुपये के सोने की तस्करी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने गुजरात के रहने वाले तीन शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से भारी मात्रा में अवैध सोना बरामद किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त किए गए इस सोने की कीमत लगभग ₹9.17 करोड़ आंकी जा रही है। पुलिस की इस मुस्तैदी की हर तरफ तारीफ हो रही है और इसे हाल के दिनों में सोने की तस्करी के खिलाफ राज्य की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है।
गुप्त सूचना के आधार पर बिछाया गया जाल
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, विभाग को पिछले कुछ समय से राज्य के रास्ते सोने की एक बड़ी खेप ले जाए जाने की गोपनीय इनपुट मिल रही थी। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया।
पुलिस ने संदिग्ध रूटों पर अपनी निगरानी और चेकिंग अभियान को कड़ा कर दिया था। इसी दौरान एक संदिग्ध वाहन को रोककर जब उसकी बारीकी से तलाशी ली गई, तो पुलिस टीम के भी होश उड़ गए। गाड़ी के भीतर बेहद शातिर तरीके से छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में सोना बरामद हुआ।
गुजरात के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
पकड़े गए तीनों आरोपियों की पहचान गुजरात के निवासियों के रूप में हुई है। शुरुआती पूछताछ में आरोपी सोने से जुड़े वैध दस्तावेज या रसीद पेश करने में पूरी तरह नाकाम रहे।
पुलिस अधिकारी का बयान:
“पकड़े गए आरोपी इस बात का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए कि वे इतनी बड़ी मात्रा में सोना कहां से लाए थे और इसे कहां ले जाया जा रहा था। पहली नजर में यह सीधे तौर पर टैक्स चोरी और अवैध तस्करी का मामला है।”
बड़ा नेटवर्क होने की आशंका, जांच में जुटी एजेंसियां
पुलिस ने सोने को अपने कब्जे में लेकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इस तस्करी के तार और कहां-कहां जुड़े हैं। आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह (Inter-state gang) काम कर रहा है, जो टैक्स चोरी कर सोने को खपाने के कारोबार में लिप्त है।
इस मामले की जानकारी आयकर विभाग (Income Tax) और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) को भी दे दी गई है ताकि वित्तीय अनियमितताओं और सोने के सोर्स का पता लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ में आने वाले दिनों में कुछ और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
