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रायपुर की बेटी महिमा का कमाल: अंतरराष्ट्रीय ShaktiSAT मिशन के लिए चयनित, 108 देशों की छात्राओं संग बनाएंगी सैटेलाइट

10वीं की छात्रा महिमा राजपूत अगस्त में दिल्ली में होने वाली विशेष स्पेस वर्कशॉप में लेंगी हिस्सा, अक्टूबर में ISRO लॉन्च पैड से अंतरिक्ष में भेजे जाएंगे सैटेलाइट

रायपुर। राजधानी रायपुर के तिलक नगर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश मीडियम स्कूल की कक्षा 10वीं की छात्रा महिमा राजपूत ने प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। महिमा का चयन प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय स्पेस मिशन ‘ShaktiSAT’ के लिए हुआ है, जिसमें दुनिया के 108 देशों की छात्राएं भाग लेंगी।

कई चरणों वाली कठिन चयन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पार करने के बाद महिमा नेशनल फाइनलिस्ट बनीं और अब वह वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनकी इस उपलब्धि को शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।

ऑनलाइन परीक्षा और इंटरव्यू के बाद मिला चयन

महिमा ने बताया कि उन्होंने ShaktiSAT मिशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद लिखित परीक्षा आयोजित हुई और अंतिम चरण में इंटरव्यू लिया गया। सभी चरणों में सफलता हासिल करने के बाद उनका चयन किया गया।

महिमा का कहना है कि यह अवसर उनके लिए ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए गर्व का विषय है।

अगस्त में दिल्ली में होगी विशेष वर्कशॉप

चयनित छात्राओं के लिए अगस्त 2026 में नई दिल्ली में 8 दिनों की विशेष ShaktiSAT Workshop आयोजित की जाएगी। इस दौरान प्रतिभागियों को स्पेस साइंस और सैटेलाइट टेक्नोलॉजी की व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।

वर्कशॉप में छात्राएं विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में सैटेलाइट निर्माण, डिजाइनिंग, मिशन प्लानिंग और स्पेस टेक्नोलॉजी की बारीकियां सीखेंगी।

108 देशों की छात्राएं मिलकर बनाएंगी दो सैटेलाइट

23 अगस्त से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में दुनिया भर की छात्राएं मिलकर दो सैटेलाइट तैयार करेंगी। यह केवल शैक्षणिक गतिविधि नहीं होगी, बल्कि वास्तविक स्पेस मिशन जैसा अनुभव प्रदान करेगी।

प्रतिभागियों को सैटेलाइट डिजाइन, तकनीकी विकास और मिशन संचालन की प्रक्रियाओं में प्रत्यक्ष रूप से शामिल किया जाएगा।

एक उपग्रह चंद्रमा की कक्षा में, दूसरा सतह पर पहुंचेगा

ShaktiSAT मिशन के तहत तैयार किए जाने वाले दो सैटेलाइट्स में से एक को चंद्रमा की कक्षा में स्थापित किया जाएगा, जबकि दूसरा चंद्र सतह पर उतरने के लिए डिजाइन किया जाएगा।

इस परियोजना के माध्यम से छात्राओं को भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों की चुनौतियों और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।

ISRO के लॉन्च पैड से होगी उड़ान

मिशन के तहत निर्मित सैटेलाइट्स को अक्टूबर 2026 में श्रीहरिकोटा स्थित ISRO लॉन्च पैड से अंतरिक्ष में भेजने की योजना है। अंतरिक्ष अनुसंधान में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए यह एक ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है।

शिक्षकों और परिवार को दिया सफलता का श्रेय

महिमा ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने परिवार, शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन को दिया। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षिका योगेश्वरी लहरी के मार्गदर्शन और विद्यालय की प्राचार्य जॉली साहू के सहयोग का उल्लेख किया।

  1. कलेक्टर से मुलाकात के दौरान महिमा ने कहा कि सही दिशा, मेहनत और अवसर मिलने पर विद्यार्थी किसी भी क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं।

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