रायपुर में 83 केसों का नशा राख बना, 194 किलो गांजा समेत लाखों नशीली गोलियां नष्ट
रायपुर में 83 केसों का नशा राख बना, 194 किलो गांजा समेत लाखों नशीली गोलियां नष्ट
रायपुर। नशे के कारोबार पर शिकंजा कसते हुए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के पश्चिम जोन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 83 मामलों में जब्त किए गए भारी मात्रा में मादक पदार्थों का सिलतरा स्थित पावर प्लांट में वैज्ञानिक और विधिसम्मत तरीके से नष्टीकरण किया गया। इस कार्रवाई का उद्देश्य नशीले पदार्थों के दोबारा दुरुपयोग की किसी भी संभावना को पूरी तरह खत्म करना है।
194 किलो से ज्यादा गांजा और लाखों नशीली गोलियां की गईं नष्ट
पश्चिम जोन के विभिन्न थानों में जब्त किए गए मादक पदार्थों को जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में पावर प्लांट की भट्ठी (फर्नेस) में जलाकर नष्ट किया गया। इस दौरान जिन मादक पदार्थों का नष्टीकरण किया गया, उनमें शामिल हैं—
- 194.242 किलोग्राम गांजा
- 1,06,652 नशीली टैबलेट और कैप्सूल
- 337.64 ग्राम हेरोइन (चिट्टा)
- 29 ग्राम कोकीन
सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों का रखा गया पूरा ध्यान
पुलिस ने बताया कि नष्टीकरण से पहले पर्यावरण विभाग से आवश्यक अनुमति प्राप्त की गई। इसके बाद सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए मादक पदार्थों को सुरक्षित तरीके से नष्ट किया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान संबंधित अभिलेखों का सत्यापन भी किया गया, ताकि कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप रहे।
मालखानों में बढ़ेगी व्यवस्था
इस अभियान के बाद पश्चिम जोन के विभिन्न थानों के मालखानों में लंबे समय से रखी गई जब्त सामग्री हट गई है। इससे मालखानों में पर्याप्त जगह उपलब्ध होगी और भविष्य में जब्त किए जाने वाले सामान का सुरक्षित एवं व्यवस्थित भंडारण किया जा सकेगा।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
यह नष्टीकरण कार्रवाई केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप गठित जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी की देखरेख में की गई। इस दौरान पुलिस उपायुक्त (पश्चिम जोन) संदीप कुमार पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा तथा जिला आबकारी अधिकारी प्रवीण वर्मा मौजूद रहे।
नशे के खिलाफ लगातार जारी है अभियान
रायपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि जब्त मादक पदार्थों के समयबद्ध नष्टीकरण और अवैध आर्थिक नेटवर्क पर भी लगातार प्रहार कर रही है। इसका उद्देश्य राजधानी को नशा मुक्त और सुरक्षित बनाना है।
