21 किलो गांजा तस्करी मामले में फरार मुख्य आरोपी गिरफ्तार, महिला साथी भी पुलिस के शिकंजे में
रायपुर। राजधानी में नारकोटिक एक्ट के तहत दर्ज गांजा तस्करी के एक बड़े मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स (ANTF), एंटी क्राइम एवं साइबर यूनिट तथा पुरानी बस्ती थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब डेढ़ महीने से फरार चल रहे मुख्य आरोपी शिवम सोनी और उसकी सहयोगी काजल साहू को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, 8 मई 2026 को भाठागांव-खुड़मुड़ा रोड पर नाकेबंदी के दौरान एक संदिग्ध स्विफ्ट कार को रोकने का प्रयास किया गया था। हालांकि चालक वाहन को तेज गति से भगाकर आगे ले गया और बाद में कार छोड़कर अपने साथी के साथ अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया था।
कार से मिला था 21 किलो से ज्यादा गांजा
घटनास्थल पर छोड़ी गई कार की तलाशी लेने पर पुलिस को दो प्लास्टिक बोरियों में पैक किया गया 21.173 किलोग्राम गांजा मिला। इसके अलावा दो मोबाइल फोन, वाहन संबंधी दस्तावेज और 5 लीटर डीजल भी बरामद किया गया था।
पुलिस ने गांजे, स्विफ्ट कार, मोबाइल फोन और अन्य सामग्री सहित कुल करीब 12.79 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया था। मामले में पुरानी बस्ती थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
घटना के बाद से फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी थी। जांच के दौरान पुलिस ने जब्त दस्तावेजों और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया, जिसके आधार पर आरोपी शिवम सोनी और काजल साहू की पहचान और लोकेशन संबंधी अहम जानकारी मिली। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पहले भी गांजा तस्करी मामले में फरार था शिवम
पुलिस जांच में सामने आया कि शिवम सोनी पहले से ही थाना न्यू राजेंद्र नगर में दर्ज एक अन्य एनडीपीएस मामले में भी फरार चल रहा था। फरवरी 2026 में लालपुर ओवरब्रिज के पास की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 20.300 किलोग्राम गांजा जब्त किया था, लेकिन शिवम मौके से भाग निकला था। उस मामले में उसके साथी हिमांशु केशरवानी को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस अब शिवम सोनी की उस प्रकरण में भी औपचारिक गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
गिरफ्तार आरोपी
- शिवम सोनी (24 वर्ष), मूल निवासी कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश, वर्तमान निवास अश्वनी नगर, रायपुर।
- काजल साहू (28 वर्ष), निवासी मंदिर हसौद क्षेत्र, रायपुर।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है।
