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🚨 दिव्यांग कल्याण मामले में बड़ा अपडेट: CBI जांच पूरी, पूर्व मुख्य सचिव समेत कई अफसरों की भूमिका जांच के दायरे में

रायपुर। छत्तीसगढ़ में दिव्यांगों के कल्याण और पुनर्वास से जुड़ी संस्थाओं में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच पूरी होने की जानकारी सामने आई है। अब इस मामले में CBI की संभावित चार्जशीट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। 

1000 करोड़ के आरोप से 35–40 करोड़ के खर्च तक पहुंची जांच

मामले की शुरुआत करीब 1000 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता के आरोपों से हुई थी। हालांकि, जांच के दौरान वर्ष 2004 से 2018 के बीच संबंधित संस्थाओं का वास्तविक खर्च करीब 35 से 40 करोड़ रुपये के आसपास पाए जाने की बात सामने आई है। 

जांच का केंद्र समाज कल्याण विभाग से जुड़ी State Resource Centre (SRC) और Physical Referral Rehabilitation Centre (PRRC) जैसी संस्थाएं रही हैं। इन संस्थाओं में कर्मचारियों की नियुक्ति, वेतन भुगतान और सरकारी राशि के इस्तेमाल से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई। 

कई अधिकारियों से हुई पूछताछ

रिपोर्टों के अनुसार, CBI ने मामले से जुड़े करीब 30 अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की है। जांच के दौरान दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले गए। कुछ कर्मचारियों के वेतन भुगतान और सरकारी राशि के आहरण में प्रक्रियात्मक अनियमितताओं की बात भी सामने आई है। 

पूर्व मुख्य सचिव समेत कई नाम चर्चा में

मामले में संस्थाओं के गठन और संचालन से जुड़े रहे कई पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका को लेकर आरोप सामने आए थे। इनमें पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड, एमके राऊत, बीएल अग्रवाल और पीपी श्रोती समेत अन्य अधिकारियों के नाम जांच के संदर्भ में सामने आए हैं। हालांकि, किस व्यक्ति की भूमिका कितनी रही, यह CBI की चार्जशीट और न्यायिक प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगा। 

अब चार्जशीट पर नजर

CBI की जांच पूरी होने के बाद अब मामले में अगला महत्वपूर्ण कदम आरोप पत्र दाखिल करना माना जा रहा है। चार्जशीट सामने आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि जांच एजेंसी ने किन आरोपों को साक्ष्यों के आधार पर स्थापित किया है और किन लोगों की जिम्मेदारी तय की गई है।

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