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रायपुर में ड्रग तस्कर मुकेश बनिया की ₹42 लाख की संपत्ति फ्रीज, पुलिस का बड़ा आर्थिक प्रहार

रायपुर में ड्रग तस्कर मुकेश बनिया की ₹42 लाख की संपत्ति फ्रीज, पुलिस का बड़ा आर्थिक प्रहार

रायपुर। नशे के कारोबार के खिलाफ रायपुर पुलिस की कार्रवाई लगातार और सख्त होती जा रही है। अब पुलिस ने केवल तस्करों की गिरफ्तारी तक खुद को सीमित नहीं रखा है, बल्कि उनके अवैध आर्थिक नेटवर्क पर भी सीधा प्रहार शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में आदतन ड्रग तस्कर मुकेश उर्फ “मुकेश बनिया” की करीब 42 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियों पर SAFEMA के तहत फ्रीजिंग ऑर्डर कन्फर्म कर दिया गया है।

यह कार्रवाई रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चलाए जा रहे ‘सूखे नशे के विरुद्ध अभियान’ के तहत की गई है। पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार से कमाई गई अवैध संपत्ति को कानून के जरिए जब्त करने की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।

आरोपी पर पहले से दर्ज हैं 31 गंभीर मामले

पुलिस के मुताबिक मुकेश उर्फ मुकेश बनिया लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय रहा है। उसके खिलाफ अब तक 31 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें NDPS Act, आर्म्स एक्ट, हत्या, बलवा, मारपीट, गुंडागर्दी समेत कई गंभीर अपराध शामिल हैं।

फरवरी में हुई थी बड़ी गिरफ्तारी

26 फरवरी 2026 को थाना सिटी कोतवाली और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसके कब्जे से—

  • 6.119 किलोग्राम गांजा
  • एक देशी कट्टा
  • तीन जिंदा कारतूस
  • 2400 अल्प्राजोलम की नशीली गोलियां
  • अन्य आपत्तिजनक सामग्री

बरामद की थी। जांच के दौरान आरोपी द्वारा संचालित आधुनिक तकनीक से लैस गांजा हाइडआउट का भी खुलासा हुआ था।

वित्तीय जांच में सामने आई करोड़ों जैसी कमाई की परतें

आरोपी की लगातार आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए उसके खिलाफ पहले ही PIT-NDPS Act, 1988 के तहत डिटेंशन ऑर्डर जारी किया जा चुका था। इसके बाद पुलिस ने उसकी आय और संपत्तियों की वित्तीय जांच शुरू की।

जांच में पता चला कि आरोपी के नाम और उससे जुड़े लोगों के नाम पर एक आवासीय मकान तथा तीन वाहन ऐसे हैं, जिन्हें कथित तौर पर नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से खरीदा गया। इसी आधार पर थाना सिटी कोतवाली ने NDPS Act की धारा 68-F(1) के तहत इन संपत्तियों को फ्रीज करने का प्रस्ताव भेजा था।

SAFEMA ने फ्रीजिंग ऑर्डर किया कन्फर्म

प्रस्तुत दस्तावेजों, वित्तीय जांच और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद मुंबई स्थित सक्षम प्राधिकारी ने लगभग 42 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियों पर फ्रीजिंग ऑर्डर को कन्फर्म कर दिया।

अब इन संपत्तियों को बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बेचा, हस्तांतरित, गिरवी रखा या किसी अन्य तरीके से उपयोग नहीं किया जा सकेगा।

आगे क्या होगी कार्रवाई?

अब संबंधित पक्षों को यह साबित करना होगा कि इन संपत्तियों को खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई रकम वैध स्रोत से आई थी। यदि वैध आय का प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो नियमानुसार इन संपत्तियों को स्थायी रूप से शासन के पक्ष में जब्त (Forfeiture) करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

पुलिस ने दिया स्पष्ट संदेश

रायपुर पुलिस का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अब कार्रवाई केवल गिरफ्तारी और मादक पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों और आर्थिक तंत्र को भी कानून के दायरे में लाकर ध्वस्त किया जाएगा।

इस कार्रवाई में एसीपी कोतवाली दीपक मिश्रा के पर्यवेक्षण में दस्तावेजों का संकलन, राजस्व एवं परिवहन अभिलेखों की जांच तथा SAFEMA के साथ समन्वय का कार्य निरीक्षक सतीश सिंह गहरवार ने किया, जिसके बाद सक्षम प्राधिकारी द्वारा फ्रीजिंग ऑर्डर कन्फर्म किया गया।

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