रायपुर: जोन-10 में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली पर फूटा शिवसेना का गुस्सा, निगम प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी

रायपुर। राजधानी रायपुर के जोन क्रमांक-10 के अंतर्गत आने वाले कई वार्डों में पेयजल, जर्जर सड़क, सफाई और बंद स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं की बदहाली को लेकर शिवसेना ने निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के पदाधिकारियों ने क्षेत्र की जनता की समस्याओं को लेकर जोन आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपा और सभी दिक्कतों के तत्काल निराकरण की मांग की। शिवसेना नेताओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भीषण गर्मी के इस मौसम में भी कई वार्डों में नियमित रूप से पानी की सप्लाई नहीं हो रही है, जिससे लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। प्रशासन की इस लापरवाही के कारण नागरिकों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए भी भारी मशक्कत करनी पड़ रही है।
समस्याओं का पूरा ब्यौरा (Key Details):
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- गड्ढों में तब्दील सड़कें और हादसों का डर: आवेदन में जर्जर सड़कों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। शिवसेना का कहना है कि सड़कें पूरी तरह टूट चुकी हैं, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों के लिए हर सफर जोखिम भरा हो गया है। अगर बारिश से पहले इनकी मरम्मत नहीं की गई, तो स्थिति और भी भयानक हो सकती है।
- सफाई व्यवस्था ठप, बीमारियों का खतरा: कई वार्डों में नियमित सफाई न होने के कारण कचरे का अंबार लगा हुआ है। नालियों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा गंदगी की वजह से संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोग लंबे समय से इसकी शिकायत कर रहे हैं, लेकिन नगर निगम मूकदर्शक बना हुआ है।
- अंधेरे में डूबे इलाके: स्ट्रीट लाइटें बंद होने या पर्याप्त रोशनी न होने के कारण रात के समय पूरे इलाके में असुरक्षा का माहौल रहता है। राहगीरों, विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
चेतावनी: शिवसेना ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि यदि पेयजल आपूर्ति, सड़क मरम्मत, सफाई और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे आम जनता को साथ लेकर नगर निगम के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

